न्यूज़ 18 प्लस ब्यूरो/महराजगंज
वाइब्रेंट विलेज के पंचायत भवनों को टेबल-कुर्सी व कूड़ेदान भी प्रदान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
महराजगंज। सीमावर्ती क्षेत्र में कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण सुविधाओं को बढ़ावा देने की दिशा में 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB), महराजगंज की ओर से चलाए जा रहे नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हुआ। बहुआर कला, झुलनीपुर स्थित वंश बहादुर इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं सिलाई किट वितरित की गई। वहीं प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त प्रशिक्षुओं को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि 22वीं वाहिनी SSB के द्वितीय कमान अधिकारी एवं कार्यवाहक कमांडेंट नरेश कुमार जांगिड़ रहे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण का उद्देश्य सीमावर्ती ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं को रोजगारपरक हुनर देकर आत्मनिर्भर बनाना है। सिलाई जैसे प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाएं घर से ही स्वरोजगार शुरू कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं।
वाइब्रेंट विलेज में बढ़ेंगी पंचायत भवनों की सुविधाएं
कार्यक्रम के दौरान सीमावर्ती वाइब्रेंट विलेज में ग्रामीण सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी पहल की गई। समवाय पतलावा के कार्यक्षेत्र अंतर्गत भेड़िहारी के पंचायत भवन तथा समवाय झुलनीपुर के कार्यक्षेत्र अंतर्गत बहुवार खुर्द के पंचायत भवन के लिए टेबल, कुर्सी एवं कूड़ेदान प्रदान किए गए। इस पहल का उद्देश्य पंचायत भवनों में ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वच्छता और सुव्यवस्था को बढ़ावा देना है।
लोकगीत-लोकनृत्य से विद्यार्थियों ने मोहा मन
समारोह में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत, लोकनृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उल्लास का माहौल बना रहा। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को कार्यवाहक कमांडेंट नरेश कुमार जांगिड़ ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित करने के साथ उन्हें अपनी लोक संस्कृति एवं परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही सहभागिता
समारोह में उप कमांडेंट शशांक राय, निरीक्षक सामान्य शिवपूजन प्रसाद, निरीक्षक सामान्य अरुण पांडे, सहायक उप निरीक्षक सामान्य राजीव राय, मुख्य आरक्षी सामान्य दिनकर मिश्रा, आरक्षी सामान्य अनिल मिन्हास, राजेश तिवारी एवं मंसूर अली सहित वाहिनी व संबंधित समवायों के कार्मिक मौजूद रहे।
इसके अलावा तहसीलदार निचलौल पीयूष जायसवाल, प्रधानाचार्य ईश्वर शरण दास, ग्राम प्रधान भेड़िहारी शिवेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान बहुवार खुर्द श्याम सुंदर, ग्राम प्रधान मटरा पन्नालाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, पत्रकार, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सीमा सुरक्षा के साथ सामाजिक सरोकार भी
ग्रामीणों ने 22वीं वाहिनी SSB की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में नागरिक कल्याण, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। ग्रामीणों का कहना रहा कि ऐसे कार्यक्रमों से सुरक्षा बल और सीमावर्ती जनता के बीच विश्वास, सहयोग और सौहार्द की भावना मजबूत होती है।

22वीं वाहिनी SSB द्वारा सीमा सुरक्षा के दायित्व के साथ सीमावर्ती ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। 21 दिवसीय सिलाई प्रशिक्षण के समापन समारोह में भी इसी सामाजिक सरोकार की झलक देखने को मिली।