क्रेटा कार में नौ बैग भरकर ले जाई जा रही थी ओल्ड मंक रम, पुलिस और एसएसबी की संयुक्त कार्रवाई में तस्करी का प्रयास नाकाम।
न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो | नौतनवा, महराजगंज।
भारत-नेपाल सीमा पर अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 648 बोतल ओल्ड मंक रम बरामद की है। मौके से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया, जबकि शराब की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही क्रेटा कार को भी जब्त कर लिया गया। यह कार्रवाई नौतनवा थाना क्षेत्र के बैरियहवा पुल के पास की गई।
पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में जनपद में अवैध शराब के निष्कर्षण, बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नौतनवा बसंत सिंह के नेतृत्व में नौतनवा पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने रविवार, 1 नवंबर को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर बैरियहवा पुल के पास संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
इसी दौरान एक क्रेटा कार संख्या UP23AW6249 को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार में रखे नीले रंग के नौ बैग से कुल 648 बोतल ओल्ड मंक रम बरामद हुई। पुलिस टीम ने मौके से तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद शराब और वाहन को कब्जे में लेकर आरोपितों के विरुद्ध नौतनवा थाने में मुकदमा अपराध संख्या 215/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 60/63 में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में हरिओम प्रजापति (27) पुत्र हरी सिंह निवासी रामसिंह पुरा, थाना सदर, जनपद रेवाड़ी, हरियाणा; मनीष कुमार (24) पुत्र रामबालक सिंह निवासी सागरपुर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली तथा विजय भुजील (34) पुत्र रामजी भुजील निवासी जिला कास्की, नेपाल, हाल निवासी पश्चिम विहार, दिल्ली शामिल हैं।
पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम रही शामिल
कार्रवाई करने वाली नौतनवा पुलिस टीम में उपनिरीक्षक शेर बहादुर यादव, प्रशांत दूबे, रोहित यादव, कांस्टेबल हिमांशु सिंह और अनिल खरवार शामिल रहे। वहीं, एसएसबी की 66वीं वाहिनी नौतनवा की ओर से निरीक्षक जितेंद्र कुमार ठाकुर, कांस्टेबल अमित कुमार शर्मा और लोकेश कुमार ने संयुक्त कार्रवाई में सहभागिता निभाई।
सीमा क्षेत्र में शराब तस्करी के इस प्रयास का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और संयुक्त जांच अभियान की भूमिका एक बार फिर सामने आई है।