ठूठीबारी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्षों की गौरव यात्रा पर केंद्रित सम्मेलन, युवाओं में राष्ट्रभक्ति व सांस्कृतिक मूल्यों को जगाने का लिया संकल्प

रिपोर्ट/ विप्लव मद्धेशिया

ठूठीबारी, महाराजगंज।

महाराजगंज जनपद के ठूठीबारी नगर स्थित कोतवाली के पास सरस्वती शिशु विद्यालय परिसर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की स्थापना के 100 वर्षों के उपलक्ष्य में एक विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। हिन्दू सम्मेलन में संजय पाण्डेय के टीमों द्वारा संगीतमय में आनंद कर लोगों में राष्ट्र हित और राष्ट्र निर्माण में सांस्कृतिक चेतना को जगाया।

 

सम्मेलन में नगर, आसपास के ग्रामीण इलाकों तथा पड़ोसी देश नेपाल से आए संघ कार्यकर्ताओं, नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पूरे परिसर में जनसैलाब उमड़ा रहा और हर ओर राष्ट्रभक्ति तथा सांस्कृतिक उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।

कार्यक्रम का मूल उद्देश्य हिंदू समाज में सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रभक्ति, सेवा भाव, एकता एवं सनातन मूल्यों को सुदृढ़ करना रहा। सम्मेलन की शुरुआत मुख्य अतिथि डॉ. रागिनी मिश्रा द्वारा भारत माता के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ की गई। उनके स्वागत में मंच की ओर से माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अपने सारगर्भित संबोधन में डॉ. मिश्रा ने आरएसएस की सौ वर्ष की गौरवशाली यात्रा, राष्ट्र निर्माण में संघ की भूमिका, सेवा एवं संगठन की परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से सनातन संस्कृति के संरक्षण, राष्ट्रहित में संगठित कार्य तथा समाज सेवा के माध्यम से देश को समृद्ध बनाने का आह्वान किया। उनके भाषण ने उपस्थित जनसमूह में नई ऊर्जा और राष्ट्रभक्ति का संचार किया, जिसका प्रभाव कार्यक्रम स्थल पर स्पष्ट दिखाई दिया।

सम्मेलन में जिला प्रचारक विनय, खंड कार्यवाह कृष्ण मोहन रौनियार, शाखा कार्यवाह गिरजेश, नीरज वर्मा शारीरिक कार्यवाह, योगेन्द्र अग्रवाल, दुर्गा प्रसाद गुप्त, संजय रौनियार, ओंकार वर्मा (मंच संचालक), संतोष वर्मा, गुड्डू जयसवाल, राजाराम, महेश मद्धेशिया, नवरत्न निगम, शिवराम निगम, किशन मद्धेशिया, राजू मद्धेशिया, संगीता रौनियार, पन्ना लाल वर्मा, नंद प्रसाद चौधरी, कृष्ण कुमार दुबे, हरिराम निगम,भवन निगम, जनार्दन प्रसाद, सज्जन निगम, लाली सिंह, अमरनाथ मद्धेशिया,समेत कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिकों के साथ साथ कस्बे के महिलाओं और बच्चों की भी उपस्थित रही।

कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यकर्ताओं ने तन-मन-धन से योगदान दिया, जिससे आयोजन में अनुशासन, सेवा और समर्पण का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए ठूठीबारी कोतवाली पुलिस फोर्स द्वारा विशेष तैनाती की गई, जिसके चलते पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान ,और भारत माता की आरती के साथ सम्मेलन का समापन किया गया। उपस्थित जनसमूह ने हिंदू समाज में एकता, समाजहित में निरंतर कार्य और राष्ट्र सेवा के संकल्प को दोहराया, वहीं युवाओं ने संघ के शताब्दी वर्ष को राष्ट्र एवं संस्कृति के लिए प्रेरणादायी अवसर बताया।

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