कजरिया टाइल्स इंडस्ट्री में दो वर्करों की मौत से हड़कंप, गैस लीक या लापरवाही? जांच के बाद खुलेगा राज।

रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी महराजगंज 

 

 

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बरदाघाट, नवलपरासी (वेस्ट)।

बरदाघाट नगरपालिका क्षेत्र के भटौलिया स्थित कजरिया रमेश टाइल्स इंडस्ट्री में काम करने वाले दो वर्करों की संदिग्ध मौत के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया। मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने इंडस्ट्री परिसर को घेर लिया और प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। आक्रोशित लोगों ने कुछ समय तक शवों को उठाने से भी इनकार कर दिया।

 

पुलिस के अनुसार, बीती रात काम खत्म करने के बाद कमरे में सोते समय एक नेपाली और एक भारतीय वर्कर की मौत हो गई। मृतकों की पहचान होम बहादुर थापा (30 वर्ष), निवासी धनेवा, बरदाघाट नगरपालिका-13 और बिनोद कुमार (40 वर्ष), निवासी ग्राम-पोस्ट 6, जिला प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश (भारत) के रूप में हुई है।

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इंडस्ट्री के अंदर गैस लीक होने के कारण दम घुटने से दोनों की मौत हुई। उनका दावा है कि जाम हुए गैस वॉल्व को खोलने के लिए वर्करों को भेजा गया था। गैस की चपेट में आने के बाद उन्हें पास के एक कमरे में ले जाकर सुला दिया गया, ताकि घटना को छिपाया जा सके। अन्य वर्करों के हवाले से स्थानीय लोगों ने इंडस्ट्री मैनेजमेंट पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।

 

वहीं, इंडस्ट्री प्रबंधन ने गैस लीक के आरोपों को खारिज किया है। कजरिया टाइल्स इंडस्ट्री के सीनियर पब्लिक रिलेशन्स मैनेजर रमेश न्यौपाने ने दावा किया कि मौतें गैस लीक से नहीं, बल्कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई हो सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संभव है दोनों ने नए साल का जश्न मनाया हो और कमरे में सोने के दौरान ऑक्सीजन की कमी हो गई हो।

 

डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिस नवलपरासी (वेस्ट) के प्रमुख एसपी अनुपम श्रेष्ठ ने बताया कि दोनों शव इंडस्ट्री के गैस फायर (फायर कंट्रोल) प्लांट के एक ही फ्लोर पर कार्डबोर्ड शीट पर मिले। इंडस्ट्री से सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

 

घटना के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए प्रोविंशियल हॉस्पिटल, बुटवल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन स्थानीय लोगों और परिजनों के विरोध के चलते इसमें देरी हुई। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम की अनुमति देने का अनुरोध किया।

 

काफी देर चली बातचीत के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा एजेंसियों, इंडस्ट्री मैनेजमेंट और मृतकों के परिजनों के बीच इंडस्ट्री को अस्थायी रूप से बंद करने और निष्पक्ष जांच कराने पर सहमति बनी। समझौते के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बुटवल भेज दिया गया।

 

फिलहाल, पूरे मामले पर सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हादसा गैस लीक, ऑक्सीजन की कमी या औद्योगिक लापरवाही का नतीजा था।

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