*नेपाल के सीमावर्ती जिलों में तनाव, सांप्रदायिक झड़पों के बाद हालात संवेदनशील।*

न्यूज रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी सुनौली महराजगंज 

प्रधान सम्पादक 

 

भारत-नेपाल सीमा अस्थायी रूप से सील, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में।

 

नेपाल के दक्षिणी हिस्से में स्थित पारसा और धनुषा जिलों में सांप्रदायिक तनाव फैलने से हालात गंभीर हो गए हैं। एक मस्जिद में हुई तोड़फोड़ की घटना के बाद भड़की नाराजगी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा को एहतियातन सील कर दिया है।

 

नेपाल पुलिस के अनुसार, धनुषा जिले के सखुवा मारान क्षेत्र में असामाजिक तत्वों द्वारा मस्जिद में तोड़फोड़ की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद समुदायों के बीच तनाव बढ़ता चला गया। सोशल मीडिया पर फैल रहे भड़काऊ संदेशों और टिप्पणियों ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया।

 

घटना के विरोध में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन शुरू किया, जो जल्द ही उग्र हो गया। कई स्थानों पर सड़कों पर जाम, नारेबाजी और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। पारसा जिले के बीरगंज शहर में स्थिति सबसे ज्यादा बिगड़ी, जहां प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

 

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को शांत कराने की कोशिश के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षा बलों को सख्ती बरतनी पड़ी। क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

 

पारसा जिला भारत के बिहार राज्य के रक्सौल से सटा हुआ है। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने समन्वय बनाते हुए सीमा पर आवाजाही रोक दी है। पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

 

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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