रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी महराजगंज
काम बिना मजदूर, भुगतान पूरा — अब नहीं चलेगा भ्रष्टाचार”
महराजगंज। सिसवा विकासखंड अंतर्गत शिकारपुर ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत संचालित विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन की बंदरबांट किए जाने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोषियों पर गाज गिराई है।
जानकारी के अनुसार बीते गुरुवार को ग्राम पंचायत एवं क्षेत्र पंचायत से संबंधित तीन अलग-अलग विकास कार्यों के लिए कुल 16 मस्टररोल निर्गत किए गए थे, जिनमें 123 श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई। हालांकि, अगले ही दिन उपायुक्त श्रम रोजगार एवं मनरेगा गौरवेंद्र सिंह द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली। जिन कार्यस्थलों पर मजदूरों की उपस्थिति दर्शाई गई थी, वहां एक भी श्रमिक कार्य करता नहीं पाया गया।
निरीक्षण के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि कई मस्टररोल में एक ही दिन 12 से 15 श्रमिकों के नाम अलग-अलग कार्यों में दर्ज कर दिए गए थे, जो मनरेगा नियमावली का घोर उल्लंघन है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी हाजिरी के माध्यम से मजदूरी भुगतान दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह के निर्देश पर ग्राम विकास अधिकारी विनोद कुमार वरुण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं रोजगार सेवक बलजीत खरवार को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही ग्राम प्रधान पूनम देवी एवं संबंधित तकनीकी सहायक को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में गंभीर अनियमितता की पुष्टि हुई है। सभी संबंधित पक्षों को निर्धारित समय सीमा में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है। अंतिम जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस कदम से साफ संदेश है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।