ब्यूरो रिपोर्ट/ राजीव त्रिपाठी महाराजगंज
प्रधान सम्पादक
महराजगंज। विकास खंड मिठौरा की ग्राम सभा पड़री खुर्द में हुए विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता को लेकर अब खुलकर सवाल उठने लगे हैं। सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 के तहत दायर एक आवेदन ने ग्राम पंचायत प्रशासन की कार्यशैली पर सीधे निशाना साधा है।
नगर पंचायत चौक, वार्ड संख्या 4 शिवाजी नगर निवासी श्रवण कुमार वर्मा ने आरटीआई की धारा 6(1) के तहत विकास खंड मिठौरा के लोक सूचना अधिकारी/खंड विकास अधिकारी से विस्तृत जानकारी मांगी है। आवेदन में साफ तौर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों की पूरी सूची, उन्हें किए गए भुगतान का विवरण तथा प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
इसके अलावा 15वें वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग से ग्राम सभा को प्राप्त हुई धनराशि का लेखा-जोखा और उस धन के खर्च का ब्योरा भी मांगा गया है। साथ ही ग्राम निधि के वार्षिक आय-व्यय का संपूर्ण विवरण अभिलेखों के आधार पर प्रमाणित प्रतिलिपि सहित उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ है तो दस्तावेज सार्वजनिक करने में कोई हिचक क्यों? गांव में चर्चा है कि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और कागजी दावों के बीच अंतर हो सकता है। ऐसे में यह आरटीआई आवेदन कई अहम सवालों का जवाब सामने ला सकता है।
आवेदक ने अपने आवेदन में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मांगी गई सूचना संबंधित कार्यालय से संबद्ध नहीं है तो नियमानुसार उसे संबंधित विभाग को अग्रसारित किया जाए।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रशासन पारदर्शिता दिखाते हुए सभी सूचनाएं उपलब्ध कराता है या फिर जवाब टालने की कोशिश होती है। पड़री खुर्द में विकास की सच्चाई क्या है—यह आने वाले दिनों में साफ हो सकता है।