ब्यूरो रिपोर्ट/ राजीव त्रिपाठी महाराजगंज
सह संपादक
महराजगंज, 11 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी ने बुधवार को विकास भवन सभागार में जनसुनवाई आयोजित कर पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जनसुनवाई में उपाध्यक्ष के समक्ष कुल 40 प्रकरण प्रस्तुत हुए, जिनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा से जुड़े थे। इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायतों में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़ित महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए जिला प्रोबेशन अधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा पारिवारिक विवाद, पेंशन और राशन कार्ड से जुड़े मामले भी जनसुनवाई में सामने आए। उपाध्यक्ष ने सभी मामलों को संज्ञान में लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
दो मामलों में दिखाया सख्त रुख
जनसुनवाई के दौरान थाना कोतवाली महराजगंज से जुड़े एक प्रकरण में ग्राम नटवा जंगल निवासी तैबू निशा ने आरोप लगाया कि उसके पति अबू हुरैश द्वारा लगातार मारपीट की जाती है और वह पहले ही तीन शादियां कर चुका है। इस पर उपाध्यक्ष ने कोतवाली पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से हिरासत में लेकर हवालात भेज दिया।
वहीं थाना कोठीभार से जुड़े एक अन्य मामले में प्रियंका वर्मा, निवासी कटहरी खुर्द ने शिकायत की कि 4 मार्च 2026 को रिंकू वर्मा, पिंटू वर्मा सहित अन्य लोगों ने घर में घुसकर उसकी माता नगीना देवी का गला घोंटकर हत्या का प्रयास किया तथा उसके साथ अभद्रता कर कपड़े फाड़ दिए। इस मामले में अब तक संतोषजनक कार्रवाई न होने पर उपाध्यक्ष ने कड़ा असंतोष व्यक्त करते हुए पुलिस को दो दिनों के भीतर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकरण की व्यक्तिगत स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत
उपाध्यक्ष ने अधिकारियों से कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में विशेष संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए, ताकि महिलाएं बिना संकोच अपनी समस्याएं सामने रख सकें। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं को कई स्तरों पर संघर्ष करना पड़ता है, इसलिए प्रशासन का दायित्व है कि पीड़ित महिलाओं के प्रति सहानुभूतिपूर्ण और जिम्मेदार व्यवहार अपनाया जाए।
उन्होंने महिलाओं को राज्य सरकार की महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में सरकारी हेल्पलाइन नंबरों पर तुरंत संपर्क करने का आह्वान किया और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने तथा अपराध के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया।
जिला अस्पताल और वन स्टॉप सेंटर का किया निरीक्षण
जनसुनवाई के बाद उपाध्यक्ष ने जिला अस्पताल और वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान वार्ड में महिला मरीजों की संख्या कम होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं वन स्टॉप सेंटर में संवासिनियों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी कन्हैया यादव, क्षेत्राधिकारी सदर, महिला थाना प्रभारी, समाज कल्याण, स्वास्थ्य, आईसीडीएस, पूर्ति विभाग सहित वन स्टॉप सेंटर के काउंसलर और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।