*महराजगंज में धान खरीद घोटाले का बड़ा खुलासा, तीन दागी मिलरों पर मिलीभगत के गंभीर आरोप।*

ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी महाराजगंज 

मुख्य सम्पादक 

महराजगंज। जिले में धान खरीद प्रक्रिया में बड़े घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिले के तीन दागी मिलरों ने धान खरीद व्यवस्था में गंभीर अनियमितताएं करते हुए पूरी प्रक्रिया को प्रभावित किया। आरोप है कि इन मिलरों ने नियमों को दरकिनार कर धान की खरीद सीधे अपनी मिलों पर करवाई, जबकि किसानों के नाम पर फिंगरप्रिंट सत्यापन सरकारी खरीद केंद्रों पर कराया गया, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में खरीद को वैध दिखाया जा सके।

 

सूत्रों के अनुसार जिले के कई धान खरीद केंद्रों पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कई मामलों में वास्तविक किसानों की जगह अन्य लोगों से फिंगरप्रिंट लगवाकर खरीद की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस पूरे खेल को मिलरों और कुछ खरीद केंद्र प्रभारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया।

 

मामले में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया है कि जिले के करीब 30 से अधिक धान खरीद केंद्र प्रभारियों ने पूछताछ के दौरान अनियमितताओं को स्वीकार किया है। उनके कबूलनामे के बाद धान खरीद व्यवस्था में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की पुष्टि हुई है। सूत्रों के मुताबिक कई केंद्रों पर नियमों की अनदेखी करते हुए धान की खरीद दिखाई गई और सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर कर भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई।

 

इस खुलासे के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में जिन तीन मिलरों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो संबंधित मिलरों और खरीद केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

धान खरीद में हुई इस कथित हेराफेरी ने जिले में सरकारी खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं किसानों के अधिकारों और उनके हितों की अनदेखी को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। प्रशासन अब इस मामले में पारदर्शिता लाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *