ब्यूरो रिपोर्ट/विप्लव मद्धेशिया/ठूठीबारी इंडो नेपाल
ठूठीबारी/महाराजगंज ठूठीबारी कस्बे के प्राचीन काली मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 108 शतचंडी महायज्ञ का नौ दिवसीय अनुष्ठान भक्ति, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हो गया। 28 तारीख को पूर्णाहुति के उपरांत विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर सहित दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया।
महायज्ञ के समापन अवसर पर आयोजित भव्य झांकियां कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं। लखनऊ से आए कलाकारों ने भगवान राधा-कृष्ण, हनुमान जी, भगवान शिव (भोलेनाथ) तथा मां काली के विविध रूपों की सजीव प्रस्तुति कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। आकर्षक वेशभूषा, मनमोहक साज-सज्जा और जीवंत अभिनय ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ झांकियों का आनंद लेते रहे और धार्मिक माहौल में सराबोर दिखाई दिए।
महायज्ञ समिति के आयोजकों ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक आस्था, आपसी भाईचारे और सद्भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस सफल आयोजन में स्थानीय लोगों का सराहनीय सहयोग रहा, जिसके चलते पूरा कार्यक्रम सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका।
इस प्रकार नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का समापन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ हुआ, जिसने क्षेत्र में धार्मिक एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।