ब्यूरो रिपोर्ट/ रामेश्वर त्रिपाठी/इंडो नेपाल
महराजगंज/ठूठीबारी:सीमावर्ती ठूठीबारी थाना क्षेत्र में तस्करी के आरोपों के बीच अब थाना प्रभारी का बयान ही चर्चा का केंद्र बन गया है। जहां एक ओर बॉर्डर पर अवैध गतिविधियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी का जवाब पूरे सिस्टम पर नए सवाल खड़े कर रहा है।
जब ठूठीबारी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह से इस पूरे मामले में पत्रकार द्वारा संपर्क किया गया और वायरल वीडियो व खबर का हवाला दिया गया, तो उनका जवाब चौंकाने वाला था।
थाना प्रभारी ने साफ कहा—
“वह नो-मैन्स लैंड का मामला नहीं है… भारत में लोग मोटरसाइकिल से सामान लेकर आते-जाते रहते हैं। अगर आपको जानकारी है कि क्या अवैध है, तो आप हमें बताइए… हम कार्रवाई करेंगे।”
“जांच कौन करेगा — पुलिस या पत्रकार?”
थाना प्रभारी के इस बयान ने एक बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है—
क्या अब अवैध गतिविधियों की पहचान और सूचना जुटाने की जिम्मेदारी पत्रकारों की है?
जिस चेकिंग और निगरानी का अधिकार और जिम्मेदारी पुलिस की है, उसी पर थाना प्रभारी का यह रुख कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अधिकारी खुद जानकारी के लिए पत्रकारों पर निर्भरता दिखाएं, तो हालात की गंभीरता समझी जा सकती है।
जमीन पर आरोप, बयान में बचाव!
एक तरफ क्षेत्र में तस्करी के खुले खेल के आरोप लग रहे हैं, वायरल वीडियो सामने आ रहे हैं…
दूसरी तरफ थाना प्रभारी इसे सामान्य आवाजाही बताकर जिम्मेदारी से किनारा करते नजर आ रहे हैं।
अब नजरें एसपी पर?
पूरे मामले के बाद अब जिले के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी पर सबकी निगाहें टिक गई हैं।
क्या इस बयान के बाद कोई सख्त कार्रवाई होगी?
या फिर सवालों का यह सिलसिला यूं ही जारी रहेगा?
बड़ा सवाल
क्या ठूठीबारी में तस्करी का खेल खुलकर चल रहा है?और क्या जिम्मेदार अब जवाब देने के बजाय सवाल टाल रहे हैं? फिलहाल…बॉर्डर पर सिर्फ सामान ही नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी ‘पास’ की जा रही है!