रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी महराजगंज
महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के भारत खंड पकड़ी गांव में उस वक्त मातम की लहर दौड़ गई, जब एक ही परिवार के तीन लोगों के शव शुक्रवार को गांव पहुंचे। गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे में पति-पत्नी और उनकी मासूम बेटी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
बताया जा रहा है कि गांव निवासी नौसाद अली अपनी पत्नी सलेहा खातून और तीन वर्षीय मासूम बेटी सहजादी को बाइक से लेकर परतावल इलाज कराने जा रहे थे। इसी दौरान सिन्दुरिया थाना क्षेत्र के बलुअही धूस चौराहे के पास स्थित एक ईंट भट्ठे के समीप तेज रफ्तार गिट्टी लदे ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही तीनों शव गांव पहुंचे, पूरे गांव में कोहराम मच गया। मृतकों के दरवाजे पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक साथ उठे तीन जनाजों को देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं माता-पिता और बहनों की चीत्कार से माहौल और भी गमगीन हो उठा।
ग्रामीणों में आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में तेज रफ्तार भारी वाहनों पर कोई नियंत्रण नहीं है, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने दोषी वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
थानाध्यक्ष का बयान
कोठीभार थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार वर्मा ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा—
“यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है। एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से हम सभी स्तब्ध हैं। पीड़ित परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। दुर्घटना में शामिल ट्रेलर को चिन्हित कर लिया गया है और चालक के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। उसे जल्द ही गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र में तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
दिल दहला देने वाली विदाई
एक ही घर से उठे तीन जनाजों ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। हर आंख नम थी, हर चेहरा गमगीन। मासूम बच्ची की मौत ने हर किसी का दिल पसीज दिया। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ गया, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर गया कि आखिर कब थमेगा सड़कों पर मौत का यह तांडव।