रिपोर्ट /दिलीप कुमार पाण्डेय/ निचलौल
महराजगंज/निचलौल: स्थानीय थाना क्षेत्र के अंतर्गत निचलौल कस्बे में इन दिनों अनैतिक देह व्यापार के अड्डों ने पैर पसार लिए हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस की नाक के नीचे चल रहे इस काले कारोबार की सूचना स्थानीय प्रशासन को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आ रही है।
शराब की दुकान के बगल में सजती है ‘मंडी‘:
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निचलौल-सिसवा रोड पर सात-पांच पुल के समीप स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के दक्षिण दिशा में रात ढलते ही खेल शुरू हो जाता है। बताया जा रहा है कि रात्रि 10:30 बजे के बाद यहां संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त लोगों का जमावड़ा लगना शुरू होता है। इस व्यापार में संलिप्त लोग इतने शातिर हैं कि बाहर से देखने पर सब कुछ सामान्य प्रतीत होता है, लेकिन अंदर का नजारा पूरी तरह अनैतिक होता है।
सिर्फ संपर्क वालों की होती है एंट्री:
अपुष्ट सूचनाओं के अनुसार, इन ठिकानों पर हर किसी का प्रवेश वर्जित है। केवल वही व्यक्ति अंदर जा सकता है जो इस अवैध धंधे के सिंडिकेट से सीधे संपर्क में रहता है। कस्बे में ऐसे कई और अड्डे होने की भी चर्चा है जहाँ सूर्योदय के साथ ही गतिविधियां शुरू हो जाती हैं, जो स्थानीय सामाजिक माहौल को दूषित कर रही हैं।
थाना प्रभारी को सूचना, फिर भी कार्रवाई शून्य:
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए निचलौल थाना प्रभारी मदन मोहन मिश्र को भी अवगत कराया जा चुका है। लेकिन विडंबना यह है कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। पुलिस की यह निष्क्रियता अब जनचर्चा का विषय बन गई है।
अप्रिय घटना का अंदेशा:
स्थानीय प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध ठिकानों पर छापेमारी कर इन्हें बंद नहीं कराया गया, तो भविष्य में किसी बड़ी अप्रिय घटना या अपराध से इनकार नहीं किया जा सकता। क्या पुलिस किसी बड़ी वारदात का इंतजार कर रही है या फिर इस चुप्पी के पीछे कोई और वजह है? यह एक बड़ा सवाल है।