*डीजल-पेट्रोल को लेकर मचा हाहाकार, जिला पूर्ति अधिकारी के नए नियमों से बढ़ा संशय।*

Bureau Report /Narsingh Upadhyay Maharajganj/ News 18 Plus /Sub Editor

जरीकेन, डिब्बा और बोतल में तेल बिक्री पर रोक, किसानों और ग्रामीणों में चिंता।

महाराजगंज जनपद में डीजल और पेट्रोल की उपलब्धता को लेकर पहले से बनी असमंजस की स्थिति अब जिला पूर्ति विभाग के नए निर्देशों के बाद और गहरा गई है। जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा जारी नए नियमों में सभी पेट्रोल पंपों को नियमित रूप से खुला रखने, केवल वाहनों में ही ईंधन देने तथा जरीकेन, डिब्बा, बोतल या गैलन में किसी भी स्थिति में तेल न देने का सख्त आदेश जारी किया गया है।

 

प्रशासन का कहना है कि यह कदम कालाबाजारी रोकने और आम उपभोक्ताओं तक पारदर्शी ढंग से ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, छोटे व्यापारियों और आम लोगों में इस आदेश को लेकर भारी असंतोष और संशय देखने को मिल रहा है।

 

निर्देशों के अनुसार भारी वाहन, ट्रैक्टर-ट्रॉली, बाइक और कारों के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं, ताकि अनावश्यक भंडारण और अवैध बिक्री पर रोक लगाई जा सके। पेट्रोल पंप संचालकों को भी चेतावनी दी गई है कि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

लेकिन सबसे बड़ा सवाल किसानों की जरूरतों को लेकर खड़ा हो गया है। ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में किसान खेतों में लगे पम्पसेट, जनरेटर और कृषि उपकरणों के लिए गैलन या डिब्बे में डीजल खरीदते हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि यदि गैलन में तेल नहीं मिलेगा तो क्या किसान खेतों से पम्पसेट और मशीनें उठाकर पेट्रोल पंप तक ले जाएंगे?

 

किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने कालाबाजारी रोकने के नाम पर आम जरूरतमंदों को भी परेशानी में डाल दिया है। कई ग्रामीणों ने मांग की है कि कृषि कार्यों और आपात जरूरतों के लिए अलग व्यवस्था बनाई जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक संकट का सामना न करना पड़े।

 

उधर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें और लोगों में असमंजस का माहौल लगातार बना हुआ है। प्रशासन जहां व्यवस्था को नियंत्रित बताने में जुटा है, वहीं जनता अब भी स्पष्ट और व्यावहारिक समाधान की प्रतीक्षा कर रही है।

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