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फोर्टिफाइड राइस कर्नेल्स (FRK) मिलने से सरकारी खाद्यान्न होने की पुष्टि, पूर्ति विभाग को कड़ी कार्रवाई के निर्देश!
महराजगंज जनपद के फरेंदा तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी राशन की कथित कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गोदाम से भारी मात्रा में खाद्यान्न बरामद किया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) फरेंदा शैलेन्द्र गौतम के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने थाना कोल्हुई क्षेत्र में स्थित राज ट्रेडर्स नामक गोदाम पर छापेमारी कर 614 बोरी चावल एवं 80 बोरी गेहूं बरामद किया।
जांच के दौरान गोदाम संचालक खाद्यान्न से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं वैध प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। साथ ही मौके पर उपलब्ध स्टॉक का ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान भी नहीं हो पाया, जिससे प्रथम दृष्टया अनियमितता और खाद्यान्न के अवैध भंडारण की आशंका प्रबल हो गई।
एफआरके युक्त चावल मिलने से बढ़ा शक
छापेमारी के दौरान बरामद चावल में फोर्टिफाइड राइस कर्नेल्स (FRK) पाए गए। यह विशेष प्रकार का चावल आमतौर पर सरकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से वितरित किए जाने वाले राशन में मिलाया जाता है। इसके मिलने के बाद प्रशासन ने प्रथम दृष्टया इसे सरकारी राशन का खाद्यान्न माना है और मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
पूर्ति निरीक्षक को दिए गए सख्त निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने संबंधित पूर्ति निरीक्षक को दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन द्वारा जब्त किए गए समस्त खाद्यान्न को नियमानुसार सुरक्षित रखते हुए अन्य उचित दर विक्रेताओं (कोटेदारों) को सुपुर्द कर दिया गया है ताकि आम जनता के राशन वितरण पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप
प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद खाद्यान्न कारोबारियों और अवैध भंडारण में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि सरकारी योजनाओं के खाद्यान्न में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ प्रशासन अब सख्त रुख अपनाने जा रहा है।
एसडीएम फरेंदा शैलेन्द्र गौतम का बयान
उपजिलाधिकारी फरेंदा शैलेन्द्र गौतम ने बताया कि—
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्राप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम द्वारा छापेमारी की गई। जांच में बड़ी मात्रा में चावल एवं गेहूं बरामद हुआ है। उपलब्ध अभिलेखों और ऑनलाइन स्टॉक का मिलान नहीं हो सका तथा एफआरके युक्त चावल भी पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया मामला सरकारी खाद्यान्न से संबंधित प्रतीत हो रहा है। संबंधित अधिकारियों को विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। किसी भी परिस्थिति में सरकारी राशन की कालाबाजारी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गलत कार्य करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार और खाद्यान्न की कालाबाजारी पर प्रशासन की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में ऐसे मामलों के खिलाफ और भी सघन जांच एवं अभियान चलाए जाने की संभावना जताई जा रही है।