Bureau Report /Anubhav Patel /Nichlaul Correspondent /News 18 Plus
गोंड (अनुसूचित जनजाति) प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी लाभ लेने का आरोप, जांच तेज
महराजगंज। जनपद में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी योजनाओं एवं आरक्षण का लाभ लेने के मामले में प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में निचलौल ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सभा लोहरौली से जुड़े इस प्रकरण में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपी के पुत्र को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित परिवार द्वारा कथित रूप से फर्जी गोंड (अनुसूचित जनजाति) जाति प्रमाण पत्र बनवाकर विभिन्न सरकारी योजनाओं और आरक्षण से जुड़े लाभ प्राप्त किए गए थे। मामले के खुलासे के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई।
बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में इससे पहले आरोपी के पिता के खिलाफ भी कार्रवाई की जा चुकी है। अब पुत्र की गिरफ्तारी के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पूरे क्षेत्र में इसकी चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि फर्जी प्रमाण पत्रों के माध्यम से वास्तविक पात्र लाभार्थियों के अधिकारों का हनन हुआ है, जिससे योग्य लोगों को उनका हक नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि जांच के दौरान अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि फर्जी जाति प्रमाण पत्रों के माध्यम से सरकारी लाभ लेने के मामले समय-समय पर विभिन्न राज्यों में सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था को मजबूत करती है, बल्कि वास्तविक पात्रों के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित करती है।
फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं।