ग्राहक की थाली तक कैसे पहुंचा लोहे का टुकड़ा? खाद्य सुरक्षा पर सवाल, होटल संचालक ने पत्रकारों पर साजिश का लगाया आरोप।
न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/नौतनवा
महराजगंज। नौतनवा से खाद्य सुरक्षा और होटल की साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। नगर क्षेत्र स्थित टेस्टी पिज्जा पैराडाइज में परोसे गए खाने में करीब 12 एमएम का नुकीला स्टील का टुकड़ा मिलने का दावा किया गया है। खाने में धातु का टुकड़ा मिलने के बाद होटल की साफ-सफाई, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और ग्राहकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि टेस्टी पिज्जा पैराडाइज के संचालक जितेंद्र शुक्ला मूल रूप से सिद्धार्थनगर के रहने वाले हैं और पिछले करीब छह वर्षों से नौतनवा में दुकान संचालित कर रहे हैं। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने की प्रक्रिया के दौरान इतना नुकीला स्टील का टुकड़ा खाने तक कैसे पहुंचा।
महंगा खाना, फिर भी सुरक्षा पर सवाल
ग्राहकों से खाद्य पदार्थों की पूरी कीमत वसूली जाती है, लेकिन यदि खाने में नुकीली धातु का टुकड़ा पहुंचने की बात सामने आती है तो यह केवल स्वाद का नहीं, बल्कि ग्राहकों की सुरक्षा और खाद्य स्वच्छता का भी गंभीर विषय बन जाता है। यदि यह टुकड़ा खाते समय निगल लिया जाता तो ग्राहक के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
संचालक ने पत्रकारों पर लगाया साजिश का आरोप
मामला सामने आने के बाद होटल संचालक जितेंद्र शुक्ला ने दावा किया कि दो पत्रकारों और एक अन्य व्यक्ति ने उनके साथ साजिश रची है। उनका कहना है कि उन्होंने उन दोनों पत्रकारों को पहले कभी नहीं देखा था। हालांकि, संचालक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच पर टिकी नजर
खाने में स्टील का टुकड़ा मिलने का दावा सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। लोगों की नजर नवागत जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग पर टिकी है कि मामले की जांच कराकर खाद्य पदार्थ के नमूने, होटल की स्वच्छता व्यवस्था और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जाती है या नहीं।
यदि जांच में लापरवाही अथवा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।