Bureau Report/ Dilip Kumar Pandey /Nichlaul Correspondent /News 18 Plus
महराजगंज/निचलौल देशभर में डीजल और पेट्रोल की किल्लत के बीच उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले का निचलौल क्षेत्र भी गंभीर संकट से जूझ रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम जनता को पूरी रात पेट्रोल पंपों पर मच्छरदानी और कंबल लेकर इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन सुबह होते-होते भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
निचलौल थाना रोड स्थित यादव पेट्रोल पंप का ताजा मामला इस अव्यवस्था की पोल खोलता है। हमारे न्यूज़ 18प्लस के संवाददाता दिलीप कुमार पाण्डेय के अनुसार, बीती रात सैकड़ों लोग पेट्रोल और डीजल के लिए लाइन में लगे रहे, लेकिन वितरण शुरू होने से पहले ही अधिकांश लोग निराश होकर लौट गए। इससे जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी भीड़ और संभावित तनाव के बावजूद मौके पर निचलौल पुलिस की कोई मौजूदगी नहीं थी। लगातार वायरल हो रहे वीडियो में पेट्रोल पंपों पर मारपीट और अव्यवस्था के दृश्य सामने आ रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या है असली कारण?
स्थानीय सूत्रों और संवाददाता के अनुसार, पेट्रोल पंप संचालक पहले ही बड़ी मात्रा में पेट्रोल और डीजल ड्रमों में भरकर स्टोर कर लेते हैं। इसके बाद सीमित मात्रा में आम जनता को दिया जाता है, जिससे कृत्रिम कमी पैदा हो रही है। यही वजह है कि लंबी लाइनों के बावजूद लोगों को ईंधन नहीं मिल पा रहा।
निचलौल क्षेत्र में लगभग सात पेट्रोल पंप हैं और सभी की स्थिति लगभग एक जैसी बताई जा रही है। यह कोई एक पंप की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैली गंभीर अव्यवस्था का संकेत है।
प्रशासन पर उठे सवाल
हालांकि जिला अधिकारी द्वारा सख्ती के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। लगातार हो रही लापरवाही और निगरानी की कमी से जनता में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
बड़ा सवाल:
क्या पेट्रोल पंपों पर हो रही जमाखोरी पर प्रशासन कार्रवाई करेगा?या यूं ही जनता रात भर लाइन में खड़ी होकर खाली हाथ लौटती रहेगी?
यह मामला अब सिर्फ एक पेट्रोल पंप का नहीं, बल्कि पूरे निचलौल क्षेत्र की व्यवस्था पर सवाल बन चुका है।