Bureau Report /Narsingh Upadhyay Maharajganj /Sub Editor
महराजगंज, 10 जुलाई 2026। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की उच्चस्तरीय टीम ने ऐतिहासिक रामग्राम स्तूप का प्राथमिक सर्वे पूरा कर द्वितीय चरण के उत्खनन की रूपरेखा तैयार कर ली है। अधीक्षण सर्वेक्षक राजेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ दल ने उत्खनन स्थल का विस्तृत निरीक्षण कर आगामी खुदाई की रणनीति तय की।
टीम ने प्रथम चरण में हुई खुदाई वाले क्षेत्रों का बारीकी से अवलोकन किया और द्वितीय चरण के लिए 50×50 (पचास गुणा पचास) मीटर क्षेत्रफल को चिन्हित किया। इस क्षेत्र में मुख्य टीले के साथ-साथ सतह पर मौजूद छोटे-छोटे टीले भी शामिल किए गए हैं। सर्वे का उद्देश्य उत्खनन स्थल की वर्तमान स्थिति का आकलन करना, खुदाई का सटीक क्षेत्र निर्धारित करना तथा उत्खनन की दिशा एवं स्वरूप तय करना था। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण सर्वेक्षक ने टीम के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
प्राथमिक सर्वे से पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से शिष्टाचार भेंट कर प्रथम चरण के उत्खनन से प्राप्त महत्वपूर्ण ऐतिहासिक साक्ष्यों और निष्कर्षों की जानकारी दी। साथ ही द्वितीय चरण की प्रस्तावित कार्ययोजना साझा करते हुए जिला प्रशासन से आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम को हरसंभव प्रशासनिक एवं स्थानीय सहयोग का आश्वासन दिया और संबंधित अधिकारियों को उत्खनन कार्य शीघ्र शुरू कराने के लिए समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला सूचना अधिकारी को भी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। टीम की ओर से बताया गया कि सर्दियों की शुरुआत होते ही द्वितीय चरण का उत्खनन कार्य विधिवत प्रारंभ कर दिया जाएगा।
सर्वेक्षण दल में उप अधीक्षण पुरातत्व अभियंता दिलीप कुमार, सहायक अधीक्षण पुरातत्व अभियंता पंकज तिवारी, सहायक अभियंता अखिलेश तिवारी तथा सर्वेक्षक राम नरेश यादव भी शामिल रहे।