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सभासदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खत्म कर वापस लिया इस्तीफा, अब जनता पूछ रही सवाल—क्या बदहाल सड़क और जलनिकासी की समस्या पर भी होगा फैसला या किसी बड़े हादसे का इंतजार?
निचलौल (महराजगंज)। निचलौल नगर पंचायत के जिंगनहवा वार्ड नंबर-1 में कोहड़वल से बूढ़ाडीह को जोड़ने वाली सड़क की बदहाली अब स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी ही नहीं, बल्कि जानलेवा खतरा बनती जा रही है। सिंचाई विभाग के समीप से गुजरने वाली इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, जलभराव और टूटी हुई सतह के कारण हर दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सबसे गंभीर बात यह है कि इस सड़क से कुछ ही दूरी पर स्टर्लिंग पब्लिक स्कूल स्थित है। प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं साइकिल और अन्य साधनों से इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन छोटे-छोटे बच्चे साइकिल समेत गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं चार पहिया और दोपहिया वाहनों के आवागमन में भी भारी दिक्कतें आ रही हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि यह समस्या किसी एक कार्यकाल की नहीं, बल्कि पिछले दो चेयरमैन के समय से चली आ रही है। कई बार शिकायतें और मांगें उठीं, लेकिन सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है। अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है।
इधर, नगर पंचायत की सियासत भी हाल ही में चर्चा में रही। वार्ड नंबर-1 के सभासद महातम यादव सहित कई सभासदों ने अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए इस्तीफा दे दिया था, लेकिन बाद में अध्यक्ष के साथ हुई बैठक के बाद सभी सभासदों ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया। अब जनता की निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि क्या बैठक का असर केवल सियासी विवाद खत्म करने तक ही सीमित रहेगा या फिर जनता की मूल समस्याओं का भी समाधान होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फिलहाल पूरी सड़क का निर्माण संभव नहीं है तो कम से कम तत्काल मरम्मत कराई जाए। साथ ही सड़क किनारे नाला बनाकर ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ दिया जाए, ताकि जलभराव खत्म हो और सड़क की स्थिति और खराब न हो।
लोगों का कहना है कि मौके की तस्वीरें और वीडियो साफ बताते हैं कि सड़क की हालत कितनी खराब है। यदि समय रहते प्रशासन और नगर पंचायत ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नगर पंचायत अध्यक्ष और वार्ड के जनप्रतिनिधि जनता की इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई करेंगे, या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदारों की नींद खुलेगी? स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत कराकर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मासूम बच्चों और राहगीरों की जान जोखिम में न पड़े।