Bureau Report /Rakesh Tripathi Maharajganj /News 18 Plus/ Maharajganj
थानों में ‘जेब गरम’ की चर्चाओं से लेकर कारख़ास सिस्टम तक, आमजन में बढ़ रही नाराज़गी।
महराजगंज। जनपद की पुलिस व्यवस्था को लेकर एक बार फिर कई गंभीर सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं। विभिन्न क्षेत्रों से सामने आ रही शिकायतों और जनचर्चाओं में आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ थानों में कथित रूप से प्रभावशाली लोगों, पुलिस पीआरओ से निकटता रखने वालों अथवा थानाध्यक्ष के करीबी माने जाने वाले व्यक्तियों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। ऐसी चर्चाओं ने पुलिस की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि थानों में वर्षों से चली आ रही तथाकथित “कारख़ास संस्कृति” अब भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी है। आरोप है कि कई स्थानों पर कारख़ास की भूमिका इतनी प्रभावशाली हो जाती है कि आम फरियादी स्वयं को उपेक्षित महसूस करता है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि जब तक किसी व्यक्ति से संबंधित सूचनाएं, क्षेत्र की गतिविधियां अथवा अन्य अपेक्षित जानकारी समय पर उपलब्ध होती रहती है, तब तक उसकी उपयोगिता बनी रहती है, लेकिन जैसे ही यह क्रम टूटता है, उसे किनारे कर दिया जाता है।
जनचर्चाओं में यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ मामलों में लोगों को मुकदमे का भय दिखाकर दबाव बनाने और कथित रूप से धन उगाही जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन लगातार उठ रहे ऐसे सवाल पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर बहस को जन्म दे रहे हैं।
लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री **** लगातार पुलिस को संवेदनशील, जवाबदेह और जनता के प्रति उत्तरदायी बनने के निर्देश देते रहे हैं। मुख्यमंत्री कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी मोबाइल नंबरों पर आने वाली शिकायतों का संज्ञान स्वयं लिया जाए और जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके बावजूद यदि जमीनी स्तर पर शिकायतें और आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, तो यह व्यवस्था की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
जानकारों का मानना है कि पुलिस की साख मजबूत करने के लिए आवश्यक है कि प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष जांच हो, दोषी पाए जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। आमजन की अपेक्षा है कि पुलिस भयमुक्त वातावरण में निष्पक्ष कानून व्यवस्था कायम करे और किसी भी प्रकार की कथित पैरवी, दबाव या प्रभाव से ऊपर उठकर कार्य करे।