Bureau Report/ News 18 Plus/ Thuthibari
नौनिया में ग्रामीणों का बढ़ता आक्रोश, छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल; आखिर कब होगी जांच और कब हटेगा कथित अतिक्रमण?
महराजगंज। ठूठीबारी थाना क्षेत्र की नौनिया ग्राम सभा में शिव मंदिर के सामने कथित अतिक्रमण और विद्यालय के आसपास असामाजिक गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले को लेकर लगातार तीन बार खबर प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक मौके पर प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी। ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय आने-जाने वाली छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और अशोभनीय व्यवहार की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जिससे अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
मंदिर के सामने कथित कब्जा, जिम्मेदारों की नजर कब पड़ेगी?
ग्रामीणों का आरोप है कि शिव मंदिर के सामने सार्वजनिक स्थान पर लंबे समय से कथित कब्जे की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिकायतों और समाचार प्रकाशन के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से अब तक स्पष्ट स्थलीय जांच नहीं कराई गई।
ग्रामीणों का सवाल है कि यदि भूमि सार्वजनिक अथवा सरकारी है और जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई करने में देरी क्यों हो रही है? वहीं, यदि भूमि निजी है तो राजस्व अभिलेखों के आधार पर स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही?
विद्यालय के आसपास छात्राओं से कथित छेड़छाड़ की शिकायत, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल?
मामले का सबसे संवेदनशील पहलू विद्यालय के आसपास छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय के आसपास कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियों और छात्राओं से कथित छेड़छाड़ को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान के आसपास यदि किसी प्रकार की अशोभनीय गतिविधि या छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत मिलती है तो पुलिस को तत्काल संज्ञान लेकर सत्यापन करना चाहिए। ग्रामीणों की मांग है कि विद्यालय के आसपास नियमित पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए, ताकि छात्राएं भयमुक्त वातावरण में स्कूल आ-जा सकें।
नशे की कथित गतिविधियों से भी नाराजगी
ग्रामीणों ने मंदिर और विद्यालय के आसपास सार्वजनिक रूप से कथित नशे के सेवन की शिकायत भी की है। यदि जांच में ऐसी गतिविधियां सही पाई जाती हैं तो यह न केवल सार्वजनिक व्यवस्था बल्कि स्कूली छात्राओं और बच्चों के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि पुलिस मौके पर जांच करे और शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करे।
तीन बार खबर प्रकाशित, फिर भी कार्रवाई का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि मामला पहली बार सामने नहीं आया है। तीन बार समाचार प्रकाशित होने के बाद भी यदि मौके पर जांच या कार्रवाई नहीं हुई है तो यह सवाल स्वाभाविक रूप से उठता है कि प्रशासन आखिर किस रिपोर्ट या शिकायत का इंतजार कर रहा है।
लोगों का कहना है कि सिर्फ कागजी कार्रवाई या आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। राजस्व विभाग को अभिलेखों की जांच कर भूमि की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए और पुलिस को विद्यालय व मंदिर के आसपास की शिकायतों का सत्यापन करना चाहिए।
‘बाबा का बुलडोजर’ नहीं, पहले निष्पक्ष जांच की मांग
ग्रामीणों की जुबान पर अब सवाल है—आखिर नौनिया में ‘बाबा का बुलडोजर’ कब चलेगा? हालांकि किसी भी निर्माण या कब्जे को अवैध घोषित करने से पहले राजस्व अभिलेख, भूमि स्वामित्व और मौके की स्थिति की विधिवत जांच जरूरी है।
ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन संयुक्त टीम भेजकर मौके का निरीक्षण करे। यदि जांच में अतिक्रमण अवैध पाया जाता है तो नियमानुसार उसे हटाने की कार्रवाई की जाए और यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो वास्तविक स्थिति भी सार्वजनिक की जाए।
अब आश्वासन नहीं, कार्रवाई और जवाब चाहते हैं ग्रामीण
लगातार शिकायतों और खबरों के बाद अब ग्रामीण प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांग रहे हैं। मंदिर के सामने कथित अतिक्रमण की जांच कब होगी? विद्यालय के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे? छेड़छाड़ और नशे की शिकायतों का पुलिस सत्यापन कब होगा?
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर, विद्यालय और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। अब लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि निष्पक्ष जांच, मौके की कार्रवाई और प्रशासन की स्पष्ट जवाबदेही का इंतजार है।