*बहुआर-झुलनीपुर सीमा पर बढ़ीं गतिविधियां, सवालों के घेरे में पुलिस की निगरानी!*

Bureau Report/ News 18 Plus Correspondent/ Jhulnipur 

 

निचलौल बॉर्डर पर फिर बेखौफ तस्कर! नए थानेदार की तैनाती के बाद।

भारत-नेपाल सीमा से सटे निचलौल थाना क्षेत्र के बहुआर-झुलनीपुर बॉर्डर पर एक बार फिर तस्करी की गतिविधियों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों और सूत्रों का दावा है कि सीमा से जुड़े कई रास्तों पर संदिग्ध आवाजाही बढ़ी है। आरोप है कि नए थाना प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद तस्करी का नेटवर्क पहले से अधिक सक्रिय दिखाई दे रहा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

बहुआर बाजार नेपाल से आने वाले नागरिकों के लिए प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में नेपाली नागरिक यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इसी भीड़ और आवाजाही की आड़ में तस्करी का खेल संचालित होने की चर्चाएं लंबे समय से होती रही हैं। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि केला, यूरिया, सिल्ट मिट्टी, नशीली दवाएं, चोरी की मोटरसाइकिलों के पार्ट्स और अन्य प्रतिबंधित सामान की अवैध आवाजाही की आशंका बनी रहती है।

 

सूत्रों के अनुसार, सीमा पर मुख्य सड़क के बजाय खेतों की पगडंडियों और कच्चे रास्तों का इस्तेमाल बढ़ गया है। इन रास्तों से होने वाली गतिविधियों पर निगरानी चुनौती बनी हुई है। आरोप है कि संगठित तरीके से नेटवर्क संचालित किया जा रहा है, जिससे कार्रवाई के बावजूद तस्करी पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही।

 

चर्चा यह भी है कि वर्तमान थाना प्रभारी पहले भी सीमा क्षेत्र की विभिन्न चौकियों पर तैनात रह चुके हैं और उन्हें इलाके की भौगोलिक स्थिति तथा पुलिस व्यवस्था की अच्छी जानकारी है। ऐसे में स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि क्षेत्र की पूरी जानकारी होने के बावजूद तस्करी की शिकायतें सामने आ रही हैं, तो आखिर सख्त कार्रवाई क्यों नहीं दिखाई दे रही?

 

सीमा क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया तो तस्करों के हौसले और बढ़ सकते हैं। लोगों ने पुलिस अधीक्षक से बहुआर-झुलनीपुर सीमा क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध रास्तों पर कड़ी निगरानी, नियमित गश्त और तस्करी के नेटवर्क पर निर्णायक कार्रवाई की मांग की है।जबकि इसके पहले प्रभारी कार्रवाई हुई थी घटना का विवरण: पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने बहुआर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी का भंडाफोड़ किया था।बरामदगी: तस्करों के पास से 18 हजार किलो (लगभग 18 टन) केला बरामद किया गया, जिसे अवैध रूप से सीमा पार ले जाया जा रहा था।गिरफ्तारी: इस तस्करी के मामले में कुल 4 तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और तस्करी में प्रयुक्त 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां (6 नेपाली और 3 भारतीय) जब्त की गई थीं। लेकिन यहां सिलसिला अब काफी और तेजी से बढ़ गया है। इससे पहले भी सिल्ट (नदी की उपजाऊ मिट्टी/रेत) का अवैध खनन और तस्करीबहुआर और निचलौल से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों की नदियों (जैसे चंदन नदी) से अवैध सिल्ट मिट्टी का उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए बिना परमिट के परिवहन करने के मामले सामने आ चुके हैं।मोडस ऑपेरंडी: खनन माफिया रात के अंधेरे में या सुबह-सुबह जेसीबी मशीनों के जरिए सीमावर्ती नदियों से सिल्ट मिट्टी निकालते हैं।

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