News 18 Plus /Bureau /Sinduria Maharajganj
सिंदुरिया/महराजगंज: क्षेत्र में अवैध गांजे की बिक्री और नशे का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस के कागजी दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर अब खुलकर सामने आने लगा है, जिससे स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
कुछ ही दिनों पहले चौराहे पर अवैध गांजा बिक्री का एक स्टिंग ऑपरेशन उजागर हुआ था। जिसमें सिन्दुरिया थाना क्षेत्रांतर्गत बरवां कला निवासी अजय तिवारी नामक व्यक्ति गांजे का कारोबार करता है। मामले ने जैसे ही तूल पकड़ा, सिंदुरिया पुलिस हरकत में आई और क्षेत्र में गांजा बिक्री पूरी तरह बंद होने के बड़े-बड़े दावे ठोक दिए। दावा किया गया कि पुलिसिया सख्ती के कारण तस्कर मैदान छोड़कर भाग चुके हैं।
थाने की नाक के नीचे उड़ रही दावों की धज्जियां:
पुलिस के इन दावों की कलाई उस वक्त खुल गई जब नए साक्ष्य सामने आए। सिंदुरिया थाना क्षेत्र में स्थित एक मंदिर के ठीक बगल में लोग दिन-दिहाड़े बेखौफ होकर गांजे की चिलम सुलगते और कश खींचते दिखाई दे रहे हैं। धार्मिक स्थल के समीप इस तरह खुलेआम चल रहे नशे के खेल ने पुलिस गश्त और खुफिया तंत्र की पोल खोलकर रख दी है।
पुलिस की खामोशी पर उठ रहे गंभीर सवाल:
थाने से कुछ ही दूरी पर और मंदिर जैसी पवित्र जगह के पास गांजे की चौपाल जमना यह साबित करता है कि तस्करों में कानून का कोई खौफ नहीं रह गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर सिंदुरिया पुलिस की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर पुलिस ऐसे मामलों में आंखें मूंदकर क्यों बैठी है?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नशे के इस कारोबार से युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है और इलाके का माहौल खराब हो रहा है। ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक महराजगंज का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए तत्काल कड़ी कार्रवाई और सिंदुरिया पुलिस की भूमिका की जांच की मांग की है।