भेड़िया हाइडिल की मनमानी से जनता बेहाल: अघोषित कटौती, फोन स्विच ऑफ, अवैध कनेक्शन का खेल उजागर।

न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो: राकेश त्रिपाठी, महराजगंज

 

 

फोन नहीं उठाते जिम्मेदार अधिकारी

रोस्टिंग” के नाम पर घंटों कटौती

मीटर के बावजूद शून्य बिल का खेल

अवैध कनेक्शन से कथित उगाही

कार्रवाई के इंतजार में जनता!

 

 

महराजगंज, 21 मई 2026।

जनपद के भेड़िया हाइडिल क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। दिन हो या रात, बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गायब रहने से लोग परेशान हैं और जिम्मेदार अधिकारी पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रहे हैं।

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि एक्सियन देवेंद्र सिंह, जेई अच्छे लाल और क्षेत्रीय लाइनमैन तक से संपर्क करना लगभग नामुमकिन हो गया है। फोन करने पर एक-दो रिंग के बाद मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया जाता है। यहां तक कि अधिकारियों के सीयूजी नंबर भी बंद रहते हैं, जिससे जनता की शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है।

 

कंट्रोल रूम महाराजगंज में शिकायत करने पर भी केवल “रोस्टिंग चल रही है” कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है, जबकि हकीकत में यह कटौती पूरी तरह अघोषित और अनियमित है। ग्रामीणों का कहना है कि यह रोस्टिंग कभी खत्म ही नहीं होती, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भेड़िया हाइडिल क्षेत्र में “सेटिंग” के जरिए बिजली आपूर्ति का खेल चल रहा है। कई घरों में बिजली मीटर लगे होने के बावजूद बिल शून्य आ रहा है, जो बड़े स्तर पर गड़बड़ी की ओर इशारा करता है। इसके अलावा कई स्थानों पर अवैध कनेक्शन के जरिए खुलेआम बिजली का उपयोग किया जा रहा है, जहां से कथित रूप से धन उगाही भी की जा रही है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की शिकायतें पहले भी कई बार अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह सवाल उठता है कि आखिर विभागीय जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी।

 

जनता ने अधीक्षण अभियंता वाईपी सिंह और जिलाधिकारी महोदय से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में पारदर्शी और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

 

गौरतलब है कि एक ओर जहां समय पर बिजली बिल जमा करना अनिवार्य है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं को नियमित बिजली तक नहीं मिल पा रही है, जिससे विभाग की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

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