चार फीट की दूरी पर करें गन्ने की बुवाई, कम लागत में बढ़ेगा उत्पादन और किसानों का मुनाफा!
न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/सिसवा
महराजगंज। गन्ने की खेती को अधिक मुनाफे का सौदा बनाने के लिए अब पारंपरिक तरीकों के साथ आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने की जरूरत है। कम लागत में बेहतर पैदावार हासिल करने के उद्देश्य से सिसवा आईपीएल चीनी मिल ने किसानों को गन्ने की बुवाई कम से कम चार फीट की दूरी पर करने की सलाह दी है। मिल प्रबंधन का मानना है कि बुवाई के दौरान उचित दूरी रखने से खेतों में कृषि मशीनों का आसानी से इस्तेमाल हो सकेगा और किसानों को खेती के विभिन्न कार्यों में काफी सहूलियत मिलेगी।
गन्ना विभागाध्यक्ष धीरज सिंह ने बताया कि गन्ने की खेती में आधुनिक यंत्रीकरण का पूरा लाभ तभी मिल सकता है, जब फसल की बुवाई वैज्ञानिक तरीके से उचित दूरी पर की जाए। चार फीट की दूरी होने से मशीनों के जरिए गुड़ाई, मिट्टी चढ़ाने और अन्य कृषि कार्य आसानी से किए जा सकते हैं। इससे समय की बचत के साथ मजदूरों पर निर्भरता कम होगी और खेती की उत्पादन लागत में भी कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि मशीनों से गन्ने की फसल पर मिट्टी चढ़ाने से खेतों में जल निकासी बेहतर होती है। साथ ही तेज हवाओं के दौरान फसल गिरने की आशंका कम करने में मदद मिलती है। इससे गन्ने की बंधाई का काम भी आसान हो जाता है। पर्याप्त दूरी होने से खेतों में हवा और सूर्य का प्रकाश बेहतर तरीके से पहुंचता है, जिससे फसल की बढ़वार अच्छी होती है। इसके अलावा कीट एवं रोगों की पहचान और समय रहते नियंत्रण करना भी आसान हो जाता है।
धीरज सिंह के मुताबिक, उचित दूरी पर बोई गई गन्ने की फसल में गन्नों की मोटाई और मिल योग्य गन्नों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलती है। इसका सीधा असर उत्पादन और किसानों की आमदनी पर पड़ता है।
किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाने की अपील
चीनी मिल की ओर से किसानों से अपील की गई है कि गन्ने की बुवाई के समय ही सही दूरी का विशेष ध्यान रखें और आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग को प्राथमिकता दें। समय के साथ खेती के तौर-तरीकों में बदलाव कर किसान कम खर्च में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं। चार फीट की दूरी पर बुवाई का तरीका गन्ने की खेती को अधिक व्यवस्थित, सुविधाजनक और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।