*किसान दिवस में उर्वरक की टैगिंग और अधिक कीमत पर बिक्री का मुद्दा उठा!*

Bureau Report/ News 18 Plus /Maharajganj 

 

किसानों ने यूरिया-डीएपी की उपलब्धता, नैनो खाद की टैगिंग और कृषि निवेश समय से दिलाने की उठाई मांग।

 

महराजगंज। विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों ने उर्वरक की उपलब्धता, निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री, यूरिया-डीएपी के साथ नैनो यूरिया व नैनो डीएपी की टैगिंग समेत कृषि निवेश से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुनकर संबंधित विभागों से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

 

बैठक में उप कृषि निदेशक ने किसानों को धान की पराली नहीं जलाने के लिए जागरूक किया। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होने के साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। किसानों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन अपनाने और स्वयं पराली नहीं जलाने के साथ दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की गई। उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है।

 

एआर कोऑपरेटिव सुनील गुप्ता ने उर्वरकों के संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अधिक मात्रा में खाद डालना अधिक उत्पादन की गारंटी नहीं है। जरूरत से ज्यादा उर्वरक के इस्तेमाल से फसल और भूमि की उर्वरता दोनों प्रभावित हो सकती हैं।

 

किसान अजय चौरसिया निवासी बरवा राजा, विकास खंड मिठौरा ने यूरिया एवं डीएपी के साथ नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की टैगिंग तथा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री की समस्या उठाई। वहीं परसा गिदही निवासी किसान रमेश चन्द्र पटेल ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता और किसानों की भूमि के आधार पर आवश्यकता के अनुसार खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी।

 

सदर विकास खंड के नेता सुरहुरवां निवासी किसान संतराज यादव ने खाद, बीज और उद्यान विभाग से संबंधित कृषि निवेश किसानों को समय से उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

 

बैठक में किसानों को बताया गया कि आगामी रबी सीजन के लिए दलहन, तिलहन और गेहूं के बीज तथा दलहनी-तिलहनी फसलों के बीज मिनीकिट सभी विकास खंडों में उपलब्ध हैं। किसानों से संबंधित विभागों से संपर्क कर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार बीज एवं अन्य कृषि निवेश प्राप्त करने की अपील की गई।

 

किसान दिवस में भूमि संरक्षण अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, इफको व नाबार्ड के जिला प्रबंधक, मत्स्य, उद्यान, गन्ना, खाद्य एवं रसद, सिंचाई, विद्युत और दुग्ध विकास विभाग के अधिकारी, अग्रणी बैंक प्रबंधक तथा कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *