निचलौल महाराजगंज मार्ग पर सड़क किनारे ठेले, दुकानें और देसी शराब की दुकान से यातायात प्रभावित; कथित वसूली को लेकर प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल।

न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो/निचलौल

 

निचलौल (महराजगंज)। महराजगंज जिला मुख्यालय से सिंदुरिया, मिठौरा, मदनपुरा और निचलौल होते हुए भारत-नेपाल सीमा के ठूठीबारी बॉर्डर तक जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे अव्यवस्थित तरीके से लगने वाले ठेले, दुकानें और शराब की दुकान के आसपास बढ़ती भीड़ को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। करीब 40.14 किलोमीटर लंबे इस प्रमुख मार्ग पर यातायात का दबाव लगातार बना रहता है और सड़क के किनारे अतिक्रमण दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकता है।

 

स्थानीय लोगों का आरोप है कि राकेश मद्धेशिया नामक व्यक्ति सड़क किनारे दुकानदारों से कथित रूप से पैसे की वसूली करता है और लोक निर्माण विभाग की जमीन पर अपना प्रभाव दिखाता है। आरोप यह भी है कि उसके साथ एक कथित डॉक्टर भी रहता है, जिसके माध्यम से दुकानदारों पर दबाव बनाकर पैसे वसूलने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इनकी जांच प्रशासनिक स्तर पर ही स्पष्ट हो सकती है।

 

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मनोज ड्रेसेज के सामने देसी शराब की दुकान से लेकर आसपास के सड़क किनारे हिस्से तक अक्सर ठेले और अन्य दुकानें सड़क के किनारे दिखाई देती हैं। इससे वाहनों के आवागमन के लिए उपलब्ध जगह कम होने और पैदल यात्रियों तथा दोपहिया वाहनों के लिए जोखिम बढ़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं।

 

सिंचाई विभाग की कार्रवाई के बाद भी सवाल कायम

 

कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग की ओर से बुलडोजर कार्रवाई किए जाने की चर्चा के बावजूद स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण है तो उसकी नियमित और स्थायी निगरानी क्यों नहीं हो रही है? कार्रवाई के बाद दोबारा सड़क किनारे दुकानें और ठेले लगने की स्थिति बनती है तो जिम्मेदारी किसकी होगी?

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग केवल निचलौल नगर के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि तहसील परिसर तथा विद्युत उपकेंद्र कोहड़वल समेत कई महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है। ऐसे में सड़क की जमीन पर किसी व्यक्ति या समूह का कथित प्रभाव यातायात व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है।

 

नवागत जिलाधिकारी से जांच और कार्रवाई की मांग

 

स्थानीय लोगों ने नवागत जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से पूरे मामले का स्थलीय निरीक्षण कराकर सरकारी जमीन की पैमाइश, अतिक्रमण की स्थिति और दुकानदारों से कथित वसूली के आरोपों की जांच कराने की मांग की है।

 

लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति सरकारी जमीन को अपनी बताकर दुकानदारों से अवैध रूप से धन वसूल रहा है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। साथ ही सड़क किनारे लगे ठेलों और दुकानों को व्यवस्थित कर यातायात सुचारु कराया जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना से पहले प्रशासन प्रभावी कदम उठा सके।

 

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और निचलौल पुलिस इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्या महराजगंज–निचलौल मार्ग पर सरकारी भूमि, कथित वसूली तथा यातायात बाधित करने वाली गतिविधियों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए कोई ठोस जांच कराई जाती है।

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