*पोर्टल पर 170 श्रमिक, मौके पर गिने-चुने!*

Bureau Report /News 18 Plus /Nautanwa 

 

रतनपुर में वीबी-जी राम जी योजना के काम पर उठे सवाल, ऑनलाइन हाजिरी और धरातलीय स्थिति में अंतर का आरोप।

 

महराजगंज। नौतनवा ब्लॉक के रतनपुर गांव में वीबी-जी राम जी योजना के तहत कराए जा रहे कार्यों में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। 17 अक्टूबर 2026 को पोर्टल पर 21 मास्टर रोल के माध्यम से कुल 170 श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि कार्यस्थल पर इसके मुकाबले काफी कम मजदूर ही काम करते दिखाई दिए। ऐसे में ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति और मौके पर मौजूद श्रमिकों की संख्या के बीच कथित अंतर ने योजना के क्रियान्वयन को सवालों के घेरे में ला दिया है।

 

ऑनलाइन हाजिरी बड़ी, मौके पर कम दिखे मजदूर

 

ग्रामीणों के अनुसार, रतनपुर में पिछले कई दिनों से कार्यों के दौरान पोर्टल पर दर्ज श्रमिकों की संख्या और मौके पर दिखाई देने वाले मजदूरों में अंतर नजर आ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी ऑनलाइन दर्ज होने के बावजूद कार्यस्थल पर उतने मजदूर दिखाई नहीं देते।

 

हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि जांच में ऑनलाइन दर्ज हाजिरी और वास्तविक कार्यस्थल की उपस्थिति में अंतर पाया जाता है, तो श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया के साथ-साथ योजना के कार्यान्वयन की भी जांच जरूरी हो सकती है।

 

जिम्मेदारों की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल

 

मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदारों की भूमिका पर भी ग्रामीणों के बीच चर्चा है। हालांकि, अभी तक किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आरोपों की वास्तविकता सामने लाने के लिए मौके का सत्यापन, मास्टर रोल की जांच और श्रमिकों की वास्तविक उपस्थिति का मिलान महत्वपूर्ण होगा।

 

बीडीओ ने दिया जांच का भरोसा

 

मामले में खंड विकास अधिकारी अमित मिश्रा से बातचीत की गई। उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

 

जांच से खुलेगा ऑनलाइन हाजिरी का राज

 

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पोर्टल पर दर्ज 170 श्रमिकों की हाजिरी के अनुरूप वास्तव में कितने श्रमिक कार्यस्थल पर मौजूद थे। यदि संख्या में अंतर मिलता है तो उसकी वजह क्या थी और जिम्मेदारी किसकी बनती है—इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल ग्रामीणों की नजर जांच रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।

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