Bureau Report /News 18 Plus /Siswa Kothibar
महराजगंज | निचलौल / कोठीभार जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में फल-फूल रहे अवैध और अनैतिक होटल कारोबार पर कलम चलाना एक स्थानीय पत्रकार के लिए जान का जंजाल बन गया है। सच उजागर होते ही बौखलाए दबंगों और होटल संचालकों ने पत्रकार को जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया है। चौकाने वाली बात यह है कि रक्षक की भूमिका में रहने वाली स्थानीय पुलिस इस गंभीर मामले पर कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती करने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने में जुटी है।
जानिए क्या है पूरा मामला?:
प्राप्त विवरण के अनुसार, पीड़ित पत्रकार ने निचलौल और कोठीभार थाना क्षेत्र के अंतर्गत संचालित कुछ होटलों व रेस्टोरेंटों में चल रही संदिग्ध एवं गैर-कानूनी गतिविधियों पर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था। इस खुलासे के बाद से ही दबंगों ने पत्रकार और उनके परिवार को फोन तथा अन्य माध्यमों से डराना-धमकाना शुरू कर दिया, जिससे पीड़ित परिवार में गहरा खौफ है।
अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित पत्रकार ने अपने मूल निवास क्षेत्र के कोठीभार थाने में प्रार्थना पत्र देकर लिखित और व्हाट्सएप के जरिए औपचारिक तहरीर दी। इस तहरीर में सुरक्षा की गुहार लगाने के साथ ही दो होटल संचालकों को नामजद भी किया गया था।
बिना जांच के ही मामले की ‘लीपापोती’?:
पीड़ित पत्रकार का सीधा आरोप है कि कोठीभार थानाध्यक्ष ने शुरू में दोनों नामजद संचालकों को बुलाकर निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बाद, पीड़ित की बिना किसी उपस्थिति या पूर्व सूचना के, आरोपियों को थाने बुलाकर अंदरखाने मामले को रफा-दफा कर दिया गया।
जब पत्रकार ने अपनी सुरक्षा और केस की प्रगति के बारे में जानकारी मांगी, तो पुलिस ने गैर-जिम्मेदाराना जवाब देते हुए कहा— “यह मामला निचलौल थाने का है, आप वहीं जाकर शिकायत करें।”
“क्या सुरक्षा मांगने के लिए दूसरे जिले जाएं?”— पत्रकार का तीखा सवाल:
पुलिस के इस टालमटोल रवैये और क्षेत्राधिकार के बहाने पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए पत्रकार ने सवाल उठाया:
“अगर किसी नागरिक या पत्रकार की जान पर संकट मंडरा रहा हो, तो वह सबसे पहले अपने नजदीकी स्थानीय थाने जाएगा या किसी दूसरे जिले अथवा देश-विदेश के चक्कर काटेगा? पुलिस क्षेत्राधिकार का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।”
पत्रकार ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके या उनके परिवार के सदस्यों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी कोठीभार पुलिस प्रशासन की होगी।