*मासिक अपराध गोष्ठी में डीआईजी सख्त: अपराधियों पर शिकंजा कसने के कड़े निर्देश!*

News 18 Plus/ Bureau: Maharajganj

 

महराजगंज। पुलिस उपमहानिरीक्षक गोरखपुर परिक्षेत्र एस. चन्नप्पा ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित मासिक अपराध गोष्ठी में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने लंबित विवेचनाओं एवं मुकदमों के त्वरित निस्तारण, प्रभावी पैरवी और दोषसिद्धि दर बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

 

गोष्ठी में डीआईजी ने महिला एवं बाल अपराध, साइबर अपराध तथा सोशल मीडिया पर निगरानी को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने ई-साक्ष्य एवं यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए कहा कि हर विवेचना निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से पूरी होनी चाहिए ताकि अपराधियों को शीघ्र सजा मिल सके।

 

अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

डीआईजी ने वांछित एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी तेज करने, हिस्ट्रीशीटरों का नियमित सत्यापन करने तथा उनकी गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने को कहा। अवैध खनन, गोकशी, मादक पदार्थों की तस्करी और नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे CCTV कैमरों की नियमित जांच और आवश्यकता अनुसार नए कैमरे लगाने पर जोर दिया गया।

 

श्रावण मास में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

श्रावण मास को देखते हुए जिले के प्रमुख शिव मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। रविवार और सोमवार को बढ़ने वाली भीड़ के मद्देनजर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, CCTV निगरानी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।

 

महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर सतर्कता

महिला एवं बाल अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सोशल मीडिया पर अफवाह या भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया।

 

अनुशासनहीनता पर थाना प्रभारी भी जिम्मेदार

डीआईजी ने पुलिसकर्मियों के अनुशासन, वर्दी और आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता पर संबंधित थाना प्रभारी की भी जवाबदेही तय की जाएगी।

 

जनसुनवाई और त्योहारों को लेकर निर्देश

आगामी त्योहारों एवं कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर समन्वय और सतर्कता बढ़ाने को कहा गया। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण करने तथा फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने पर भी जोर दिया गया।

 

इस दौरान पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने जिले में चल रहे अभियानों, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

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