रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी महराजगंज
महराजगंज जनपद के निचलौल क्षेत्र स्थित खिलौनी किसान सेवा केंद्र पर मंगलवार रात किसानों की भारी भीड़ और लंबी कतारों ने प्रशासनिक दावों की पोल खोल दी। देश को कृषि प्रधान बताने वाली व्यवस्था में किसान पूरी रात डीजल और पेट्रोल के लिए लाइन में खड़े रहने को मजबूर दिखे। हालात ऐसे रहे कि कई किसान अपने साथ बिस्तर और चादर लेकर पेट्रोल टंकी पर पहुंच गए, ताकि रात या सुबह जब भी तेल बंटे, उन्हें खाली हाथ वापस न लौटना पड़े।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसान सेवा केंद्र पर देर रात तेल पहुंच चुका था, लेकिन वहां पहले से बसों, ट्रकों और मोटरसाइकिलों की लंबी कतार लगी हुई थी। घंटों इंतजार के बाद भी किसानों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि आखिर तेल वितरण कब शुरू होगा। कई किसानों ने आरोप लगाया कि पेट्रोल पंप संचालक अपनी सुविधा और मनमर्जी से तेल वितरण कर रहे हैं, जबकि आम किसानों को रात भर परेशान होना पड़ रहा है।
टंकी परिसर में प्रशासनिक मौजूदगी भी रही, लेकिन किसानों को किसी प्रकार की राहत या व्यवस्थित व्यवस्था नहीं मिल सकी। भीषण उमस और रातभर जागने की मजबूरी के बीच किसान अपने वाहनों और कृषि कार्यों के लिए तेल मिलने की उम्मीद में डटे रहे।
स्थानीय किसानों का कहना है कि एक ओर जिला प्रशासन लगातार यह दावा कर रहा है कि जिले में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। किसानों ने सवाल उठाया कि यदि तेल की कोई किल्लत नहीं है तो फिर रातभर लाइन लगाने की नौबत क्यों आ रही है?
कई किसानों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि खेती का मौसम सिर पर है, खेतों में काम का दबाव बढ़ रहा है, लेकिन प्रशासन और जिम्मेदार विभाग किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के बजाय सिर्फ बयानबाजी में व्यस्त हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते तेल वितरण की पारदर्शी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और विस्फोटक हो सकती है।
क्षेत्र में इस अव्यवस्था को लेकर किसानों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि “जिस किसान के दम पर देश की अर्थव्यवस्था चलती है, वही आज रातभर सड़क किनारे तेल के लिए भटकने को मजबूर है।”