न्यूज़ रिपोर्ट: अनुभव पटेल न्यूज़ 18 प्लस
महराजगंज, ठूठीबारी
जनपद के ठूठीबारी स्थित खाद्य समिति में गुरुवार को हालात बेकाबू नजर आए, जब सैकड़ों की संख्या में किसान खाद लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें घंटों कड़ी धूप में लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ा। तपती गर्मी और अव्यवस्थित व्यवस्था के बीच किसान बेहाल दिखे और प्रशासनिक लापरवाही पर जमकर नाराजगी जताई।
खाद वितरण की धीमी प्रक्रिया और पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण समिति परिसर में दिनभर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। कई किसानों को बिना खाद लिए ही वापस लौटना पड़ा, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया।
किसानों का दर्द साफ झलक रहा था। एक किसान ने नाराजगी जताते हुए कहा,
“आखिर कब तक हमें ऐसे ही परेशान किया जाएगा? हर बार खाद के लिए यही हाल रहता है।
दूर-दराज गांवों से आए किसानों को न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था मिली और न ही छांव का कोई इंतजाम। महिलाएं और बुजुर्ग किसान भी घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर रहे, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर सीजन में यही समस्या दोहराई जाती है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई ठोस कदम नहीं उठाते। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
किसानों की प्रमुख मांगें:
खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए!
वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए
समिति परिसर में छाया, पानी और बैठने की व्यवस्था हो!
किसानों को बार-बार लाइन में न लगना पड़े, इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया जाए
इस पूरे मामले में अभी तक किसी जिम्मेदार अधिकारी की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे किसानों में नाराजगी और गहराती जा रही है।
सवाल बड़ा है:
क्या अन्नदाता को हर बार इसी तरह अपमान और परेशानी झेलनी पड़ेगी, या जिम्मेदार तंत्र अब जागेगा?