News 18 Plus /Bureau: Nichlaul (Maharajganj)
महराजगंज जिले के निचलौल क्षेत्र में नहर पटरी पर अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद “सात पाँच पुल” के पास अवैध कब्जा जस का तस बना हुआ है, जिससे स्थानीय किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खोनौली, बनकटवा व खास परगना तिलपुर के निवासी—सर्वेश, सुभाष, दिनेश, रामआशीष, राम बेलाश व राम कृपाल—ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी अराजी संख्या 249, 250, 251, 252 के सामने नहर पटरी पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर दुकानें खोल ली हैं। इस अतिक्रमण के चलते किसानों को अपने खेतों तक ट्रैक्टर व कृषि यंत्र ले जाने में भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने खेत के कुछ हिस्से में मकान निर्माण करना चाहते हैं, लेकिन कब्जाधारियों द्वारा निर्माण सामग्री तक नहीं गिरने दी जा रही है। इस संबंध में कई बार नहर विभाग और सम्पूर्ण समाधान दिवस में शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सिंचाई विभाग ने मांगी पुलिस, फिर भी कार्रवाई शून्य
सूत्रों के मुताबिक, सिंचाई विभाग ने अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस प्रशासन से सहयोग की मांग भी की थी, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। इससे विभागीय लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता उजागर हो रही है।
डीएम के आदेश की भी नहीं हुई पालना

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी नहर पटरी खाली नहीं कराई गई। इसे लेकर ग्रामीणों में रोष है और वे इसे विभागीय मिलीभगत बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं।
अब सवाल यह उठता है कि नवागत जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल इस गंभीर मामले में क्या सख्त कदम उठाते हैं। क्या अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर मामला यूं ही फाइलों में दबकर रह जाएगा—यह देखना बाकी है।
फिलहाल, निचलौल में प्रशासन और सिंचाई विभाग की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में है।