News 18 Plus/ Bureau: Maharajganj
महराजगंज, 22 जुलाई 2026। भूजल सप्ताह (16 से 22 जुलाई 2026) के समापन अवसर पर जनपद स्तरीय गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें भूजल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजागरूकता बढ़ाना और विभिन्न विभागों के बीच समन्वित कार्ययोजना को प्रभावी बनाना रहा।
बैठक में जनपद एवं विकासखंड स्तर के अधिकारियों, नगर पालिका व नगर पंचायतों के प्रतिनिधियों, लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंताओं, बोरिंग टेक्नीशियनों समेत कई विभागों के अधिकारी शामिल हुए। गोष्ठी में सप्ताह भर संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए भविष्य की रणनीति तय की गई।
मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह ने विभागों को निर्देश दिए कि भूजल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। आज किए गए प्रयास ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल सुनिश्चित करेंगे।
परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य अभिकरण ने बताया कि प्रदेश में लगभग 70 प्रतिशत सिंचाई, 80 प्रतिशत पेयजल और 85 प्रतिशत औद्योगिक जरूरतें भूजल पर निर्भर हैं। बढ़ती निर्भरता के कारण कई क्षेत्रों में अत्यधिक दोहन की स्थिति बन रही है, इसलिए वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण को जनआंदोलन बनाना जरूरी है।
जिला विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण तभी सफल होगा, जब आमजन इसकी महत्ता को समझकर इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाएं। उन्होंने व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील की।
उपायुक्त श्रम एवं रोजगार जी. राम जी. ने बताया कि इस वर्ष की कार्ययोजना में भूजल रिचार्ज से जुड़े अधिक कार्य शामिल किए गए हैं, जिससे जिले में जल संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
सहायक अभियंता, लघु सिंचाई विभाग ने जल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और सतही जल के अधिक उपयोग पर बल दिया। साथ ही किसानों से कम पानी वाली फसलों को अपनाने और जल के अनावश्यक दोहन से बचने की अपील की।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भूजल सप्ताह के दौरान चलाए गए जागरूकता अभियानों और संरक्षण गतिविधियों की जानकारी भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में सभी को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।