ब्यूरो रिपोर्ट /राजीव त्रिपाठी/ निचलौल
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निचलौल (महराजगंज),18 अप्रैल 2026 निचलौल क्षेत्र के मनरेगा कर्मियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 16 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक कलमबंद हड़ताल का ऐलान करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है। हड़ताल के पहले दिन ही कर्मियों ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) निचलौल को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
कर्मचारियों का कहना है कि उनका मानदेय लंबे समय से बकाया पड़ा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयों के चलते कर्मियों में आक्रोश साफ देखा जा रहा है। इसके अलावा, ईपीएफ की जमा धनराशि को यूएएन खातों में ट्रांसफर न किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
हड़ताली कर्मियों ने “समान कार्य, समान वेतन” की मांग को भी जोरदार तरीके से रखा और कहा कि जब कार्य समान है तो वेतन में भेदभाव क्यों किया जा रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि 4 अक्टूबर 2021 को डिफेंस एक्सपो पार्क कार्यक्रम 2021 के दौरान योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा कर्मियों के हित में मानव संसाधन नीति लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन आज तक उस पर कोई ठोस अमल नहीं हुआ। इससे कर्मियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
इस हड़ताल में रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम कन्नौजिया, महामंत्री सत्यनारायण प्रजापति, अकाउंटेंट राहुल पांडेय, कंप्यूटर ऑपरेटर रवि कुमार और तकनीकी सहायक संघ अध्यक्ष आत्मा राम दुबे सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही बड़ी संख्या में रोजगार सेवकों ने भी आंदोलन में भाग लेकर एकजुटता दिखाई।
कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
इस हड़ताल के चलते क्षेत्र में मनरेगा से जुड़े विकास कार्यों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे ग्रामीण विकास की गति पर असर पड़ सकता है।