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महराजगंज, 10 जुलाई 2026। खरीफ सीजन के बीच किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के विपरीत, निचलौल विकासखंड के ठूठीबारी बी-ख स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का आरोप है कि पासबुक जमा किए हुए करीब एक माह बीत चुका है, लेकिन अब तक उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराई गई।
समिति परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में किसान सुबह से ही कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। भीषण गर्मी के बावजूद बुजुर्ग, महिलाएं और युवा किसान घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटने को विवश हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें हर बार सिर्फ आश्वासन दिया जाता है, जबकि खेती का महत्वपूर्ण समय लगातार निकलता जा रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद उपलब्ध नहीं हुई तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसानों के प्रमुख सवाल
पासबुक जमा होने के बाद भी खाद वितरण में इतनी देरी क्यों?
किसानों को बार-बार इंतजार कराने के लिए जिम्मेदार कौन?
क्या संबंधित अधिकारियों ने व्यवस्था की समीक्षा की है?
यदि खाद समय पर नहीं मिली तो फसल नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
किसानों की मांग
सभी पात्र किसानों को तत्काल पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए।
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।
यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
भविष्य में खाद वितरण के लिए पारदर्शी एवं व्यवस्थित प्रणाली लागू की जाए, ताकि किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
किसानों का कहना है कि यह मामला केवल खाद की उपलब्धता का नहीं, बल्कि अन्नदाता के सम्मान और उसके अधिकारों से भी जुड़ा है। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह तत्काल संज्ञान लेकर स्थिति स्पष्ट करे और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी कदम उठाए।