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जमीन बंटवारे के विवाद में मारपीट और जान से मारने की धमकी, मुकदमा दर्ज!
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*शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और मारपीट के आरोपी पर कोर्ट के आदेश से मुकदमा दर्ज!*
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*विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, कोर्ट के आदेश पर मुकदमा!*
Bureau Report /Rajiv Tripathi Siswa Kothibar /News 18 Plus /Co-Editor नौकरी और विदेश भेजने का…
*मदरसे की एकल व्यवस्था के बाद अभिलेख गायब होने का आरोप, उठे गंभीर सवाल?*
Bureau Report /Rakesh Tripathi /Nichlaul News 18 Plus /Chief Editor
शिकायत में मौलाना, शिक्षक और लिपिक की भूमिका की जांच की मांग; सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कराने पर जोर!
महराजगंज। निचलौल स्थित मदरसा अरबिया अजीजिया मजहरूल उलूम में एकल व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यालय से महत्वपूर्ण अभिलेख गायब होने के आरोप ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ेपुरवा निवासी नूरुलऐन ने इस संबंध में निचलौल थाने में शिकायत देकर गायब बताए जा रहे दस्तावेजों की बरामदगी के साथ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, 8 सितंबर को दोपहर करीब 2:30 बजे मदरसा कार्यालय से कई महत्वपूर्ण अभिलेख गायब किए जाने की जानकारी सामने आई। शिकायत में मदरसे में तैनात मौलाना खालिद, शिक्षक आफताब आलम और लिपिक परवेज आलम की कथित भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। आरोप लगाया गया है कि उक्त लोग तत्कालीन प्रबंधक आबिद अली के करीबी बताए जाते हैं और उनके प्रभाव में मदरसे के महत्वपूर्ण दस्तावेज कार्यालय से बाहर ले जाए जाने की आशंका है।
एकल व्यवस्था लागू होने के बाद रिकॉर्ड बाहर कैसे गया?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 1 जुलाई 2026 से मदरसे में प्रशासन की ओर से एकल व्यवस्था लागू कर दी गई थी, तो इसके बाद कार्यालय में रखे महत्वपूर्ण अभिलेखों तक किसकी पहुंच थी और वे बाहर कैसे गए? शिकायतकर्ता ने इसी बिंदु पर प्रशासनिक निगरानी और रिकॉर्ड की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
शिकायत में कहा गया है कि एकल व्यवस्था लागू होने के बाद मदरसे का प्रशासनिक संचालन निर्धारित व्यवस्था के तहत प्रधानाचार्य और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में होना चाहिए। ऐसे में किसी पूर्व प्रबंधक, अध्यक्ष अथवा समिति से जुड़े व्यक्ति के हस्तक्षेप की स्थिति में सवाल उठना स्वाभाविक है।
पुराने रिकॉर्ड को लेकर क्यों बढ़ी बेचैनी?
मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि प्रदेश के कई मदरसों से संबंधित मामलों में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच और अभिलेखों की पड़ताल का दौर चल रहा है। ऐसे में मदरसे के पुराने प्रशासनिक रिकॉर्ड, प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों के गायब होने के आरोप ने जांच की दिशा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि कहीं जांच से संबंधित महत्वपूर्ण रिकॉर्ड को सामने आने से रोकने अथवा उसे प्रभावित करने के उद्देश्य से तो दस्तावेज नहीं हटाए गए। हालांकि, इस आशंका की भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच से खुलेगा रिकॉर्ड का राज
शिकायतकर्ता ने पुलिस से मदरसा कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने, कार्यालय में उपलब्ध रिकॉर्ड का सत्यापन कराने, गायब दस्तावेजों की बरामदगी और संबंधित लोगों से पूछताछ की मांग की है।
फिलहाल पूरे मामले में चोरी अथवा किसी व्यक्ति की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आरोपों की वास्तविकता पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। लेकिन एकल व्यवस्था लागू होने के बाद महत्वपूर्ण अभिलेखों के गायब होने की शिकायत ने मदरसे की रिकॉर्ड-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर जरूर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर वे कौन से दस्तावेज थे, वे कहां गए और उन्हें मदरसा कार्यालय से बाहर ले जाने की अनुमति किसके पास थी? पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब सामने आना बेहद अहम होगा।